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भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय, भारत सरकार )
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The President of India, Shri Pranab Mukherjee receiving the Report on ‘Health Status and Age Assessment of the Trees of Rashtrapati Bhavan’ from Dr. Savita, Director, Forest Research Institute, Dehradun at Rashtrapati Bhavan on the eve of demitting office as the 13th President of India on July 24, 2017

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Wild Life

अनुसन्धान निदेशालय : अनुसन्धान योजना प्रभाग, भा.वा.अ.शि.प., के सभी संस्थानों की जारी अनुसन्धान परियोजना को रोलिंग अनुसन्धान योजना के साथ मिलान करके समीक्षा सहित नई अनुसन्धान परियोजनाओं की आयोजना, सूत्रीकरण तथा अनितम रुप प्रदान करता है। प्रति वर्ष अनुसन्धान योजना प्रभाग संस्थान स्तर पर अनुसन्धान सलाहकार समिति की बैठके तथा राष्ट्रीय स्तर पर अनुसन्धान योजना समिति की बैठकों का आयोजन करता है जिस में अगले पाँच वर्षों के लिए रोलिंग अनुसन्धान योजना पर विचार विमर्श तथा निर्णय लिया जाता है।

अनुसन्धान निदेशालय अपने वन तथा जलवायु परिवर्तन प्रभाग के द्वारा ग्लोबल वार्मिग तथा भारत में वानिकी सैक्टर की भूमिका से सम्बधित अनुसन्धान का समन्वयन कर रहा हैं क्योकि भा.वा.अ.शि.प. को जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रुप रेखा समझौते द्वारा प्रेक्षक का स्तर दिया गया है, निदेशालय जलवायु परिवर्तन पर नीति का संविन्यास कर रहा है जिस से कि समझौते के अधीन अन्तर्राष्ट्रीयवार्ता होगी। वन तथा जलवायु परिवर्तन प्रभाग देश में स्वच्छ विकास तंत्र के अभिकल्पन, कार्यान्वयन, अनुश्रवण तथा मूल्यांकन तथा वन कटाव तथा भंगुरता से उत्पन्न उत्र्सजन (रेड प्लस) को कम करने के लिए सलाहकार तथा परामर्शी सेवाए उपलब्ध करवा रहा है।

 


डॉ. नीलू गेरा,  आईएफएस
उप महानिदेशक(अनुसन्धान)

अनुसंधान निदेशालय यह सुनिश्चित करता है कि भा.वा.अ.शि.प. के संस्थानों के द्वारा प्रारंभ की गई सभी अनुसंधान परियोजनाएं आवश्यकता आधारित हैं और क्षेत्रीय तथ राष्ट्रीय वानिकी अनुसंधान की समस्याओं का निपटान करती हैं। निदेशालय द्वारा अनुसंधान प्राथमिकीरण सभी पणधारियों तथा अंत उपभोक्ताओं को सम्मिलित करके सहभागिता व्यवस्था द्वारा किया जाता है।

समग्र रूप से अनुसंधान समस्याओं के निपटान तक पहुंचने तथा कार्य के दोहराव को रोकने के लिए, भा.वा.अ.शि.प. ने कुछ महत्वपूर्ण प्रजातियों सहित कुछ आने वाले (इमर्जिंग) विषयों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाएं प्रारंभ की है। दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रारंभ की गई अनुसंधान परियोजनाओं के लिए निदेशालय प्रायोगिक आधार पर भा.वा.अ.शि.प. के चार संस्थानों तथा एक अनुसंधान केंद्र की पंचवर्षीय समीक्षा करने जा रहा है।

निदेशालय उद्देश्यों की प्राप्ति तथा हस्तांतरित तकनीकों के मूल्यांकन के लिए कुछ अनुसंधानों का स्वतंत्र विषय सामग्री विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा करवा रहा है।

संपर्क जानकारी : :

कार्यालय

आवास

ईमेल-आईडी.

+91-135-2757775

+91-135-

neelugera@icfre.org,   ddg_res@icfre.org

 

अस्वीकरण ( डिस्क्लेमर): दिखाई गई सूचना को यथासंभव सही रखने के सभी प्रयास किए गए हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अशुद्ध होने के कारण किसी भी व्यक्ति के किसी भी नुकसान के लिए भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। किसी भी विसंगति के पाए जाने पर head_it@icfre.org के संज्ञान में लाएं।