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भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय, भारत सरकार )
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The President of India, Shri Pranab Mukherjee receiving the Report on ‘Health Status and Age Assessment of the Trees of Rashtrapati Bhavan’ from Dr. Savita, Director, Forest Research Institute, Dehradun at Rashtrapati Bhavan on the eve of demitting office as the 13th President of India on July 24, 2017

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वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून

वन अनुसंधान संस्थान, जो पूर्व में इपिरियल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के नाम से जाना जाता था, की स्थापना देश में वानिकी अनुसंधान क्रियाकलापों को आयोजित करने तथा आगे बढ़ाने के लिए 1906 को हुई। संस्थान विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, चंड़ीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड की अनुसंधान आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

 

संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है तथा वर्तमान में वानिकी में पी.एच.डी. डिग्री देने के अतिरिक्त एम.एस.सी. डिग्री करने के लिए अग्रणी तीन कोर्स तथा दो स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स प्रदान करता है।

निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान का संदेश

डॉ. सविता

(आई.एफ.एस)

निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून

वन अनुसंधान संस्थान के शासकीय वेबपेज में आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता है। संस्थान विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, चंड़ीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड राज्यों की अनुसंधान आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल है तथा वर्तमान में वानिकी में पी.एच.डी. डिग्री देने के अतिरिक्त एम.एस.सी.डिग्री करने के लिए अग्रणी तीन कोर्स तथा दो स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स प्रदान करता है।

मुझे आशा है कि इस वेबपेज में दी गई सूचना दर्शकों के लिए अत्यंत उपयोगी होगी। वेबसाइट में सुधार के लिए सुझावों का स्वागत है।

वर्ष 2006 वन अनुसंधान संस्थान के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया गया तथा 5 जून 2006 शताब्दी दिवस के रूप में मनाया गया। वर्ष भर चलने वाले समारोह में डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन, अध्यक्ष, एम.एस. स्वामीनाथन अनुसंधान फाऊंडेशन, चेन्नई द्वारा पहले ब्रांडिस मैमोरियल भाषण तथा विभिन्न अंर्तराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय समारोह आयोजित किए गए।

शताब्दी वर्ष देश में अपनी तरह के एक विशेष प्रकार के समरोह के साथ समाप्त हुआ जिसमें एक दो किलोमीटर लम्बे प्रतीकात्मक तथा औपचारिक हरे सन के कपड़े जिस पर उत्तराखण्ड के लाखों बच्चों के हस्ताक्षर उनकी शपथ के साथ थे कि वह वन एवं पर्यावरण की रक्षा तथा संरक्षण करेंगे, वन अनुसंधान की मुख्य इमारत के इर्द गिर्द लपेटा गया जो वानिकी क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय संसार में अपने तरह की एक ऐतिहासिक घटना है।

हाथ में ली गई परियोजानएं

पूरी की गई परियोजनाएं 2006-2007 2007-2008 2008-2009
जारी परियोजनाएं -- -- 2008-2009
नई प्रारंभ परियोजना -- -- 2008-2009
बाह्य सहायता प्राप्त
नई प्रारंभ परियोजना 2006-2007 2007-2008 2008-2009
जारी परियोजनाएं -- -- 2008-2009
नई प्रारंभ परियोजना -- -- 2008-2009

 

 

नाम

पद दूरभाष-कार्यालय दूरभाष-निवास. ई-मेल

डॉ. सविता

निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान,देहरादून

+91-135-2755277

+91-135-

savita@icfre.org
dir_fri@icfre.org
groupco_fri@icfre.org accounts_fri@icfre.org

अधिक जानकारी के लिए: http://fri.icfre.gov.in

 

 

अस्वीकरण ( डिस्क्लेमर): दिखाई गई सूचना को यथासंभव सही रखने के सभी प्रयास किए गए हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अशुद्ध होने के कारण किसी भी व्यक्ति के किसी भी नुकसान के लिए भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। किसी भी विसंगति के पाए जाने पर head_it@icfre.org के संज्ञान में लाएं।