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भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय, भारत सरकार )
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The President of India, Shri Pranab Mukherjee receiving the Report on ‘Health Status and Age Assessment of the Trees of Rashtrapati Bhavan’ from Dr. Savita, Director, Forest Research Institute, Dehradun at Rashtrapati Bhavan on the eve of demitting office as the 13th President of India on July 24, 2017

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वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर

IFGTB Coimbatore

वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान (आई.एफ.जी.टी.बी.) एक राष्ट्रीय संस्थान है जिसकी स्थापना अप्रैल 1988 में भा.वा.अ.शि.प. के अधीन हुई थी।
यह संस्थान एक बहु-फलकित अनुसंधान जिसका उद्देश्य पारंपरिक प्रजनन कार्यक्रमों तथा जैव प्रौद्योगिकी के उपायों के द्वारा वृक्ष प्रजातियों की उत्पादकता में सुधार के लिए अनुसंधान करना है।

मुख्यधारा विषयक कार्य अनुसंधान आनुवंशिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी प्रभागों द्वारा वन संवर्धन, बीज प्रौद्योगिकी, सुरक्षा (कीट विज्ञान तथा रोग विज्ञान), कृषि वानिकी तथा जैव विविधता प्रभागों की सहायता से किया जाता है।


निदेशक का संदेश


श्री आर.एस. प्रशांत

निदेशक, वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर

वन अनुसंधान संस्थान के शासकीय वेबपेज में आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता है।

वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान के वेबपेज पर आपका स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता है। संस्थान महत्वपूर्ण वन प्रजातियों की आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन के विषयों पर राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान करता है। इसके अतिरिक्त यह तमिलनाडु एवं केरल तथा केंद्र शासिक राज्यों अण्डमान एवं निकोबार द्वीप समूहों, लक्ष्यद्वीप तथा पांडुचेरी राज्यों की स्थानीय समस्याओं का भी समाधान करते है।

मुझे आशा है कि इस वेबपेज में दी गई जानकारी दर्शकों के लिए बहुत उपयोगी होगी। वेबपेज में सुधार के लिए सुझावों का स्वागत है।

अधिदेश को पूरा करने के लिए आवश्यक सुविधाओं की स्थापना कर ली गई है तथा संस्थान वर्तमान में पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (डी.एस.टी., डी.बी.टी.), भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (एन.एम.पी.बी.), बांस उपयोग के राष्ट्रीय मिशन, नाबार्ड तथा केंद्रीय सांख्यिकी संस्था के लिए अनुसंधान परियोजनाएं चला रहा है। तमिलनाडु सरकार की कुछ पब्लिक सेक्टर उपक्रमों तथा अंर्तराष्ट्रीय एजेंसियों जैसे एस.आई.डी.ए. तथा विज्ञान के लिए अंर्तराष्ट्रीय फाऊंडेशन स्वीडन भी कुछ अनुसंधान परियोजनाओं के लिए धन दे रही है। राष्ट्रीय वानिकी अनुसंधान योजना, आई.सी.एफ.आर. के आर्थिक सहयोग के एक भाग के रूप में बहुत सी अनुसंधान परियोजनाएं प्रारंभ की गई। संस्थान के विश्वबैंक, यू.एन.डी.पी., एफ.ए.ओ. एफ.ओ.आर.पी.आई.पी., डी.एफ.आई.डी. की सहायता से कई अनुसंधान कार्यक्रम कार्यान्वित किए।

स्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय अनुसंधान में सम्मिलित हैः

  • आनुवंशिकी सुधार

  • रोपण भण्डार सुधार

  • जीनोमिक्स

  • क्लोनल फैलाव

  • बांस प्रजाति परीक्षण

  • कृषि वानिकी तंत्रों

  • उत्पादकता तथा पोषक चक्र

  • एकीकृत रोग तथा कीट प्रबंधन

  • पारिपुनरूद्धार

  • संरक्षण

 

अधिदेश

क्षेत्र में प्रयोग किए जाने वाले पारिस्थितिकीय विचारण के अंदर वन रोपण तथा सामाजिक वानिकी को पहचानना तथा विकसित करना जो कि प्रतिवर्ष प्रति हेक्टेयर 3-4 क्यूबिक मीटर जैव संहित वृद्धि के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करेगा।

 

हाथ में ली गई परियोजानएं

पूरी की गई परियोजनाएं 2011-2012 2012-2013 -
जारी परियोजनाएं - - 2013-2014
नई प्रारंभ परियोजना - - 2013-2014

बाह्य सहायता प्राप्त

नई प्रारंभ परियोजना 2011-2012 2012-2013 -
जारी परियोजनाएं - - 2013-2014
नई प्रारंभ परियोजना - - 2013-2014

 

 

नाम

पद दूरभाष-कार्यालय दूरभाष-निवास ई-मेल
श्री आर.एस. प्रशांत

निदेशक, वन आनुवंशिकी एवं वृक्ष प्रजनन संस्थान, कोयम्बटूर

+91-422 - 2431942

+91-422 - 2484101

+91-422 - 2431470

 dir_ifgtb@icfre.org 

अधिक जानकारी के लिए : http://ifgtb.icfre.gov.in

 

अस्वीकरण ( डिस्क्लेमर): दिखाई गई सूचना को यथासंभव सही रखने के सभी प्रयास किए गए हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अशुद्ध होने के कारण किसी भी व्यक्ति के किसी भी नुकसान के लिए भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। किसी भी विसंगति के पाए जाने पर head_it@icfre.org के संज्ञान में लाएं।