मुख्य पृष्ठ  | संबंधित लिंक   | सूचना का अधिकार  | सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न  | सम्पर्क   | साइट मानचित्र | भा.वा.अ.शि.प. वेबमेल  | नागरिक चार्टर   | English Site 

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय, भारत सरकार )
Select Theme:
 वार्षिक सम्पति विवरण पोर्टल   |   गेस्ट हाउस बुकिंग पोर्टल   |   इंटरएक्टिव पोर्टल: हितधारकों के साथ इंटरफेस
The President of India, Shri Pranab Mukherjee receiving the Report on ‘Health Status and Age Assessment of the Trees of Rashtrapati Bhavan’ from Dr. Savita, Director, Forest Research Institute, Dehradun at Rashtrapati Bhavan on the eve of demitting office as the 13th President of India on July 24, 2017

मुख्य पृष्ठ »

निदेशालय के गुणवत्ता उददेश्य (अनुसन्धान)

1. आर.ए.जी. के कलैण्डर की तैयारी
2. संस्थान में आर.ए.जी. के आयोजन का समन्वयन करना
3. अनुसन्धान योजना समिति की बैठक आयोजित करना
4. संस्थानों को नई अनुसन्धान योजना के लिए अनुमोदन पहुँचाना
5. नई अनुसन्धान योजना के लिए अनुवर्ती कार्रवाई तथा अनितम अनुमोदन पहुँचाना

 

आन्तरिक मूल्यांकन
भा.वा.अ.शि.प. संस्थानों की सभी जारी अनुसन्धान परियोजनाओं का पुनरीक्षण तथा मूल्यांकन तथा परियोजनाओं को समय से पूरा करने तथा उददेश्यों को दक्षता से प्राप्त करने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाना ।

बाहय विशेषज्ञएजेन्सी द्वारा मूल्यांकन
विषय वस्तु विशेषज्ञोंएजेन्सी द्वारा प्रत्येक संस्थानों की कुछ परियोजनाओं का स्वतन्त्र मूल्यांकन करवाया जाता है ताकि उस सीमा का आकलन किया जा सके जिससे परियोजना के उददेश्यों को प्राप्त किया जा सके, प्रयोगशाला से भूमि तक प्रौधोगिकी का हस्तांतरण, यदि लागू हो तो किया जा सके तथा उपभोक्ता समूहअन्त उपभोक्ताओं की अनुसन्धान आवश्यकताओं को पूरा करने में परियोजना कितनी प्रभावशाली है इसका पता लगाया जा सके।

जलवायु परिवर्तन

वन तथा जलवायु परिवर्तन प्रभाग भारत में जलवायु परिवर्तन के निम्नलिखित पहलुओं पर बुनियादी तथा अनुप्रयुक्त अनुसन्धान प्रारम्भ करते हुए समन्वयन कर रहा है :

1. वन पारितंत्रों की अतिसंवेदनशीलता और अनुकूलन क्षमता
2. वानिकी क्रियाकलापों द्वारा जलवायु परिवर्तन का न्यूनीकरण
3. वानिकी सैक्टर में ग्रीन हाऊस गैस सूचियां
4. वन आधारित समुदायों पर जलवायु परिवर्तन के आर्थिक सामाजिक प्रभाव
5. यू.एन.एफ.सी.सी. तथा क्योटो प्रक्रियाओं पर नीति अनुसन्धान तथा भारत पर उनका प्रभाव
6. देश में सी.डी.एम. तथा रेड-प्लस की क्षमता


 

 

अस्वीकरण ( डिस्क्लेमर): दिखाई गई सूचना को यथासंभव सही रखने के सभी प्रयास किए गए हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अशुद्ध होने के कारण किसी भी व्यक्ति के किसी भी नुकसान के लिए भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। किसी भी विसंगति के पाए जाने पर head_it@icfre.org के संज्ञान में लाएं।