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भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद

(पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय, भारत सरकार )
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The President of India, Shri Pranab Mukherjee receiving the Report on ‘Health Status and Age Assessment of the Trees of Rashtrapati Bhavan’ from Dr. Savita, Director, Forest Research Institute, Dehradun at Rashtrapati Bhavan on the eve of demitting office as the 13th President of India on July 24, 2017

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निदेशकों की बैठक का कार्यवृत

भा.वा.अ.शि.प. देहरादून में 26 अक्टूबर 2010 को 5वीं निदेशकों की बैठक का कार्यवृत

25 सितम्बर 2009 को आयोजित चौथी निदेशकों की बैठक का कार्यवृत 

 

आर.पी.सी. की कार्यवाहियां

12वीं अनुसन्धान नीति समिति (आर.पी.सी.) बैठक 2011 की कार्यवाहियां

11वीं अनुसन्धान नीति समिति (आर.पी.सी.) बैठक 2010 की कार्यवाहियां

10वीं अनुसन्धान नीति समिति (आर.पी.सी.) की कार्यवाहियां

9वीं अनुसन्धान नीति समिति (आर.पी.सी.) की कार्यवाहियां

वृक्ष किस्मों तथा क्लोनों के परीक्षण तथा विमोचन के लिए अनुमोदित दिशानिर्देश

 

 

पंचवर्षीय पुनरीक्षण

 

पंचवर्षीय योजनाओं के लिए अनुसन्धान योजना प्रभाग ने हाल ही में भा.वा.अ.शि .प. के सभी आठ संस्थानों के पंचवर्षीय पुनरीक्षण के लिए नया प्रयास प्रारम्भ किया है। दसवीं पंचवर्षिय योजना के दोरान प्रारम्भ की गई अनुसन्धान परियोजनाओं के लिए प्रारमिभक अध्ययन आधार पर चार अनुसन्धान संस्थानों के लिए पंचवर्षीय पुनरीक्षण प्रारम्भ किया गया है।

अनुसन्धान परियोजनाओं का स्वतन्त्र मूल्यांकन

अनुश्रवण तथा मूल्यांकन प्रभाग ने प्रत्येक संस्थान की कुछ अनुसन्धान परियोजनाओं का स्वतन्त्र मूल्यांकन स्वतन्त्र विषय वस्तु विशेषज्ञ एजेंसियोंएकल विशेषज्ञों द्वारा करवाया है ताकि उस सीमा का पता लगाया जा सके जिसमें उददेश्यों को प्राप्त किया जा सकता है, प्रौधोगिकी को प्र योगशाला से भूमि तक हस्तांतरित किया जा सके, उपभोक्ता समूह तथा पणधारियों की अनुसन्धान आवश्यकताओं को सुलझाया जा सके।

 

बी.टी.एस.जी. - भा.वा.अ.शि.प., देहरादून

राष्ट्रीय बांस मिशन (एन.बी.एम.), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद (भा.वा.अ.शि.प.) देहरादून को ग्यारह राज्यों यथा जम्मू तथा कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा गुजरात में बांस साहित्य , मिशन क्रियाकलापों के प्रचार, सम्बनिधत राज्यों के किसानोंस्थल कर्मियों को प्रशिक्षण देने; सेमीनारकार्यशालाओं का आयोजन तथा बांस रोपणों में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध करवाना; बांस हस्तशिल्प तथा बांस विपणन के द्वारा नीति , संस्थागत तथा तकनीकी मामलों में दिशानिर्देश उपलब्ध करवाने के लिए बांस तकनीकी सहयोग समूह के रुप में मान्यता प्रदान क ी है ।  


रोलिंग अनुसन्धान योजना


समग्र तथा लचीली दीर्घावधि अनुसन्धान योजना के लिए प्रतिवर्ष पुनरीक्षणों के प्रावधान सहित पांच वर्षों के लिए रोलिंग अनुसन्धान योजना को अपनाया गया।
अनुसन्धान प्रयासों के प्रतिलिपिकरण को रोकने तथा विभिन्न संस्थानों के मध्य बेहतर सहक्रिया के लिए महत्वपूर्ण वानिकी प्रजातियों पर अखिल भारतीय समनिवत अनुसन्धान परियोजनाएं प्रारम्भ की गई है। d to have better synergy between various Institutes.

 

 

जलवायु परिवर्तन पुरालेख

 

अस्वीकरण ( डिस्क्लेमर): दिखाई गई सूचना को यथासंभव सही रखने के सभी प्रयास किए गए हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अशुद्ध होने के कारण किसी भी व्यक्ति के किसी भी नुकसान के लिए भारतीय वानिकी अनुसन्धान एवं शिक्षा परिषद उत्तरदायी नहीं होगा। किसी भी विसंगति के पाए जाने पर head_it@icfre.org के संज्ञान में लाएं।